डग्गामारी के खिलाफ कुमाऊं मोटर ओनर्स यूनियन ने बसों का संचालन रविवार को भी बंद रखा। बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों की फजीहत हुई। कई रूटों में टैक्सी चालकों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूला।
जिले में उत्तराखंड परिवहन निगम का अपना डिपो नहीं है। अल्मोड़ा या भवाली डिपो की गिनी-चुनी बसें दिल्ली या बरेली के लिए संचालित होती हैं। ऐसे में जिले की यातायात व्यवस्था केएमओयू या फिर टैक्सी पर निर्भर है।
बागेश्वर से हल्द्वानी, अल्मोड़ा, ताकुला, बेरीनाग, पिथौरागढ़, डीडीहाट, गंगोलीहाट के लिए केमू की लगभग 55 बसें प्रतिदिन संचालित होती है। केएमओयू द्वारा टैक्सियों द्वारा की जा रही डग्गामारी के खिलाफ शनिवार से हड़ताल करने से बागेश्वर जिले में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई।
रविवार की सुबह स्टेशन में बसें खड़ी रही। सुबह के समय हल्द्वानी, अल्मोड़ा सहित अन्य स्टेशनों को जाने वाले यात्री इधर-उधर भटकते रहे। पिथौरागढ़, बेरीनाग, डीडीहाट जाने वाले यात्रियों की भी खासी फजीहत हुई। कुछ रूटों में टैक्सी चालकों ने यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक रुपयेे लिए।
इस समय भिटौली का महीना चल रहा है। रविवार को भी भिटौली देने वालों की बस और टैक्सी स्टेंडों में खासी भीड़ रही। जिन लोगों को केमू की बसों की हड़ताल का पता नहीं था वह स्टेशन में लोगों से वाहनों के बारे में पूछते नजर आए। बाद में उन्हें टैक्सी स्टेंडों की ओर रवाना होना पड़ा। यह क्रम दिन भर बना रहा। अधिकांश यात्री और भिटौली देने वाले महंगा किराया देकर गंतव्य तक पहुंचे। केमू की हड़ताल से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।