बागेश्वर। नगर के बीचों-बीच स्थित ऐतिहासिक पैदल झूला को तोड़कर नए पुल का निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से हो रहा है। पुराने पुल की संरचना को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है, जिससे अब वहां केवल गहरी नदी और मलबे के ढेर बचे हैं, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नदारद हैं।
पुल के दोनों तरफ के एप्रोच मार्ग पूरी तरह खुले हुए हैं। मौके पर कोई भी ऐसी बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई है, जिससे लोगों को निर्माण क्षेत्र में जाने से रोका जा सके। नगर का मुख्य केंद्र होने के कारण दिन भर यहां लोगों की आवाजाही रहती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के अंधेरे में कोई भी अनजाने में पुल के टूटे हिस्से से सीधे नदी में गिर सकता है। निर्माण इकाई की ओर से कार्य स्थल पर कोई चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर वाले संकेत भी नहीं लगाए गए हैं। व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने जल्द एप्रोच मार्ग को सुरक्षित तरीके से बंद करने की मांग की है।