जिले के नगर, कस्बों से लेकर गांवों तक गहराई पेयजल समस्या के बीच जल संस्थान के ईई का तबादला कर दिया गया है। तबादले के साथ ही उन्हें गुपचुप तरीके से रिलीव भी कर दिया गया। डीएम तक को ईई के तबादले की भनक नहीं लग पाई। नाराज डीएम ने सचिव को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के कामकाज पर सवाल भी उठाए हैं।
सोमवार को जनता दरबार में पेयजल समस्या का मामला उठा तो ईई के तबादले और रिलीव होने का पता चला। दरअसल 19 सितंबर को ईई नंदकिशोर का लालकुआं तबादला कर दिया गया। ठीक अगले दिन ईई को रिलीव भी कर दिया गया। बता दें कि बागेश्वर जिले में जल संस्थान का एक ही डिवीजन है। हैरत की बात रही कि ईई के तबादले और रिलीव होने के 12 दिन बाद भी डीएम तक अनजान रही। विभाग और डिवीजन ने डीएम को ईई के तबादले की सूचना देने की जहमत तक नहीं उठाई।
इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने विभाग के रवैये को अप्रिय और जनविरोधी करार दिया है। डीएम का कहना है कि जिला पहले ही पेयजल समस्या से जूझ रहा है। मानसून के बाद तमाम योजनाओं का पुनर्निमाण किया जाना है। ईई के इस तरह चले जाने से राहत कार्य प्रभावित हुए हैं। डीएम ने पेयजल सचिव को पत्र लिखकर भी नाराजगी का इजहार किया है। इस पत्र में उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। साथ ही बिना प्रतिस्थानी रिलीव करने और रिलीव करने की सूचना तक न देने पर गहरी आपत्ति जताई है। दूसरी ओर जल संस्थान के जीएम डीके मिश्रा ने तबादले को सामान्य प्रक्रिया बताया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रतिस्थानी मिल जाएगा। लालकुआं से ईई राजीव सैनी का इस पद पर बागेश्वर तबादला किया गया है।