ऐठाण और बमसेरा के नेली में कुंवारी के आपदा पीड़ितों का विस्थापन करने की प्रशासन की तैयारी को लेकर क्षेत्र के लोग भड़क गए हैं। गुस्साए लोगों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को भराड़ी बाजार में बागेश्वर-पिंडारी मार्ग पर एक घंटे तक जाम लगा दिया। जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे सुुदूरवर्ती क्षेत्रों को जाने वालों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एसडीएम द्वारा समझाने के बाद आंदोलनकारियों ने जाम खोला।
शनिवार को सुबह ऐठाण, बमसेरा और भानी आदि गांवों के लोग व्यापार मंडल भराड़ी के अध्यक्ष शेर सिंह ऐठानी की अगुवाई में बाजार में एकत्रित हो गए। उन्होंने जोरदार नारेबाजी के साथ सड़क पर जाम लगा दिया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि नेली पूर्व में ऐठान, बमसेरा, लीमा, जसरौली, पालीडुंगरा, भानी और भयूूं के ग्रामीणों की नाप भूमि थी। बंदोबस्ती के समय यह भूूमि ग्रामीणों के नाम चढ़ने से छूट गई। इसके आसपास की भूमि वन पंचायत की है। प्रशासन ने इसे राज्य सरकार की भूमि बताकर वहां कुंवारी के आपदा पीड़ितों को बसाने की कार्रवाई कर दी है। पहले चरण में 18 जबकि दूसरे चरण में 58 प्रभावितों को बसाने की योजना है। आपदा प्रभावित नेली में विस्थापन के लिए तैयार नहीं हैं जबकि प्रशासन प्रभावितों का वहां जबरदस्ती विस्थापन करा रहा है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने प्रशासन से विस्थापन की कार्रवाई शीघ्र निरस्त करने को कहा और मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन और भी तेज करने की चेतावनी दी। जाम लगाने वालों में सरपंच दीपक ऐठानी, अवकाश प्राप्त तहसीलदार धाम सिंह ऐठानी, गिरीश चंद्र मिश्र, हडसन ऐठानी, खीम सिंह ऐठानी, नंदन ऐठानी, विमल ऐठानी, मोहन ऐठानी, प्रेम ऐठानी, महेश ऐठानी, कुंवर, चंचल, महिमन, राम सिंह दानू, सुरेश राम, प्रवीन कुमार, किशन राम, शेर राम, दान सिंह ऐठानी, कमल ऐठानी मिश्रा आदि शामिल थेे। उपजिलाधिकारी ने रवींद्र बिष्ट ने आंदोलनकारियों को बताया कि कुंवारी के आपदा प्रभावित नेली में नहीं आना नहीं चाह रहे हैं। वह गांव से तीन किमी दूर मजुवा में बसना चाहते हैं। उस भूमि की भू- वैज्ञानिकों से जांच करवाई जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एसडीएम की बातों से संतुष्ट होकर आंदोलनकारियों ने जाम खोल दिया।