बागेश्वर कलेक्ट्रेट में हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी करते कर्मी के ग्रामीण
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कपकोट के चर्चित हत्याकांड में मारे गए युवक के भाई ने डीएम को ज्ञापन सौंप कर विवेचना अधिकारी बदलने, हत्या में शामिल लोगों को बचाने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
तारा सिंह पुत्र भवान सिंह निवासी कर्मी ने शुक्रवार को डीएम रंजना राजगुरू को ज्ञापन सौंप कर कहा कि उसके भाई खिलाफ सिंह की 3 माह पूर्व हत्या हुई थी। हत्याकांड में तीन आरोपी जेल में है। आरोप लगाया कि उसके भाई को लड़की ने फोन करके बुलाया था लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की उल्टे नाबालिग कह कर बचाने की कोशिश की जा रही है। भाई की हत्या कर खड़ी चढ़ाई में 15 किमी दूरी तय कर शव फेंका गया था जो तीन लोगों के बस की बात नहीं है।
इस हत्याकांड में 5-6 लोग शामिल हैं। पुलिस बाकी तीन हत्यारोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। वही जेल में बंद एक हत्यारोपी के भाई ने सबूतों को मिटाया पुलिस ने उसको भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। घटना के वक्त भाई के पास 13 हजार नगद, एक सैमसंग मोबाइल फोन था, दोनों ही बरामद नहीं हुए हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया कि केस का विवेचना अधिकारी जांच में लापरवाही कर रहा है उन्होंने जांच अधिकारी बदलने की मांग की है। ग्रामीणों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर डीएम कार्यालय में प्रदर्शन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान महिपाल राम, नंदन सिंह, गोकुल सिंह, राजीव कर्म्याल, राजेंद्र सिंह, शेर सिंह, गणेश सिंह आदि शामलि थे।