कपकोट के नौकोड़ी में खुदाई के दौरान निकले औजार। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर/कपकोट। कपकोट विकासखंड के अंतर्गत नौकोड़ी गांव के यदगास तोक में पेयजल टंकी के निर्माण के लिए की जा रही खोदाई के दौरान बर्तन और कृषि यंत्र निकले हैं। ग्रामीणों ने इन्हें संभाल कर रख दिया है। उनका कहना है कि इसकी जानकारी प्रशासन को दी जाएगी। इधर, पुरातत्व विभाग ने बर्तन और औजारों को 11वीं से 18वीं सदी का बताया है।
यदगास तोक में उत्तराखंड विकेंद्रीकृत जलागम विकास परियोजना (ग्राम्या) के सहयोग से पानी की टंकी का निर्माण किया जा रहा है। मंगलवार को टंकी के निर्माण के लिए खोदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान पुराने बर्तन, दरांती, चाकू, भालानुमा हथियार निकलने लगे। सूचना पर वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। दिनभर बर्तन और औजार देखने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। ग्रामीणों ने इन बर्तनों को संभालकर रख दिया है। बहरहाल बर्तन और औजार निकलने से नौकोड़ी के यदगास तोक में प्राचीन समय से ही बसासत होने की पुष्टि हो रही है।
नोकाड़ी में मिले औजार 11वीं से 18वीं सदी के हैं। उस जमाने में लोग इन औजारों का उपयोग युद्ध के साथ ही शिकार के लिए करते थे। इन हथियारों को ऐरो होड कहा जाता है। नौकुड़ी में तब कोई किला रहा होगा। कुल्हाड़ी नुमा हथियार मध्यकालीन युग के प्रतीत होते हैं। बर्तन भी उसी युग के हैं। इन्हें बागेश्वर के संग्रहालय में रखा जाएगा, ताकि लोग इन पुरातन वस्तुओं के दीदार कर सकें। -सीएस चौहान प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी अल्मोड़ा