फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिरकार बुजुर्ग लीला देवी को मिल ही गया आसरा

विज्ञापन
बागेश्वर के नीलेश्वर स्थित वृद्धाश्रम पहुंचीं बुजुर्ग लीला देवी, साथ में नगर व्यापार मंडल अध्यक - फोटो : BAGESHWAR
विज्ञापन
बागेश्वर। नगर में पिछले महीने से भटक रहीं बुजुर्ग लीला देवी को आखिरकार बागेश्वर के वृद्धा आश्रम में आसरा मिल ही गया है। बुजुर्ग ने इसके लिए व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश सोनी का आभार जताया है।
विज्ञापन

गंगोलीहाट पिथौरागढ़ के पठक्यूड़ा निवासी लीला देवी (60) 15 अगस्त को नैनीताल से बागेश्वर पहुंची थीं। वह बागेश्वर में आसरा ढूंढ रही थीं। नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश सोनी ने बागनाथ मंदिर परिसर में बने टिनशेड में उनके रहने की व्यवस्था की। बुजुर्ग के अनुसार उसके पति रमेश चंद्र पाठक का वर्ष 1986 में निधन हो गया था। एक लड़का था, उसकी भी मौत हो गई। एक लड़की है, उसे किसी ने गोद लिया है। उसका कोई आसरा नहीं है। वह नैनीताल के नौकुचियाताल में किसी के वहां काम करती थीं। वहां से भी उसे निकाल दिया गया। व्यापार मंडल अध्यक्ष सोनी ने एसडीएम राकेश तिवारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी भुवन चंद्र जोशी को परेशानी बताई थी। जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बुधवार को समाज कल्याण विभाग ने बुजुर्ग को स्थानीय वृद्धा आश्रम में रखने का निर्णय लिया। इस मामले को अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बृहस्पतिवार को व्यापार मंडल अध्यक्ष सोनी ने बुजुर्ग को वृद्धा आश्रम पहुंचाया। कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद बुजुर्ग को वृद्धा आश्रम में रख लिया गया। आश्रम पहुंचकर बुजुर्ग काफी खुश थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें