बागेश्वर के सरयू तट पर श्राद्ध करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में होने वाले श्राद्ध पितृ विसर्जन अमावस्या के साथ संपन्न हो गए हैं। पितृ विसर्जनी अमावस्या पर सरयू तट पर कई लोगों ने श्राद्ध और तर्पण कराए गए। अश्विन मास के सोलह श्राद्धों में पितृ विसर्जन अमावस्या का विशेष महत्व माना गया है। पंडित महेश चंद्र भट्ट ने बताया कि जिनको को अपने पितरों की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं होती, वह पितृ विसर्जन अमावस्या को अपने पितरों का श्राद्ध करते हैं। किन्हीं कारणों से छूट गए श्राद्ध भी इसी दिन संपन्न कराए जाते हैं। बृहस्पतिवार को सरयू तट पर अपने पितरों का श्राद्ध कराने वालों की भीड़ रही। लोगों ने सरयू के पावन जल से तर्पण और श्राद्ध कर अपने पितरों को पिंडदान किया।