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लॉकडाउन में फंसे पर्यटकों के सामने अब बिल चुकाने का संकट

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कौसानी के केएमवीएन गेस्टहाउस में रुके सैलानी। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। लॉकडाउन के कारण कौसानी के केएमवीएन गेस्टहाउस में फंसे सैलानियों को गेस्टहाउस की ओर से हजारों रुपये के बिल थमाए गए हैं। सैलानियों के सामने इन बिलों को चुकाने का संकट पैदा हो गया है। लॉकडाउन के बाद से स्थानीय प्रशासन इन सैलानियों के भोजन की व्यवस्था कर रहा है। गौरतलब है कि प्रशासन की ओर से सैलानियों को टीआरसी के बिल के संबंध में कोई आश्वासन नहीं दिया गया था।
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कौसानी के केएमवीएन गेस्टहाउस में पश्चिम बंगाल निवासी सैलानी विनायक भादुड़ी अपनी पत्नी मोयना भादुड़ी के साथ 26 मार्च से रह रहे हैं। पश्चिम बंगाल के ही सुब्रत गांगुली अपनी पत्नी रत्ना गांगुली के साथ 25 मार्च से रह रहे हैं। दिल्ली के अशोक हुड्डा अपनी पत्नी पत्नी पुनीता, बेटे दुष्यंत के साथ 21 मार्च से रह रहे हैं।
इन लोगों की बुकिंग तीन दिनों के लिए थी लेकिन लॉकडाउन के बाद वापसी की अनुमति नहीं मिलने से इन लोगों को टीआरसी में ही रहना पड़ा। शनिवार को गेस्टहाउस के प्रबंधक ने इन लोगों को रुकने की तिथि से 30 अप्रैल तक का बिल दिया। विनायक भादुड़ी को 34650 रुपये, सुब्रत गांगुली को 35640 रुपये और अशोक हुड्डा को करीब 36 हजार रुपये का बिल दिया गया है। सैलानियों का कहना है कि वह लोग अपनी मर्जी से नहीं रुके हैं। उन लोगों का बिल माफ होना चाहिए।
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उधर, गेस्टहाउस के प्रबंधक देवेंद्र चंदोला ने बताया कि सैलानियों के रहने का बिल माफ करने के संबंध में कोई बात नहीं हुई थी। लॉकडाउन के बाद इन लोगों के भोजन के लिए प्रशासन की ओर से राशन दिया जा रहा है। भोजन गेस्टहाउस में बन रहा है। बताया कि जीएम स्तर से सैलानियों को बिल देने के लिए कहा गया है।
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