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मम्मी हम स्कूल कब जाएंगे

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बागेश्वर में घर पर बेटे आदि और देव काे पढ़ाते हुए ज्याेति चंदाेला। साथ में सहयोग कर रहीं कल्पना चंदाेला। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : AMAR UJALA
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बागेश्वर। लॉकडाउन के चलते घराें में कैद बच्चे अब अपनी मां से पूछने लगे हैं कि मम्मी हम स्कूल कब जाएंगे। इसका जवाब बच्चों के माता-पिता के पास भी नहीं है। माता-पिता बच्चों को घर पर पढ़ा रहे हैं। स्कूल भी ऑनलाइन पढ़ाई करवा रहे हैं। लॉकडाउन के बाद से स्कूल बंद हैं। धमाचौकड़ी मचाने वाले बच्चों को घरों के भीतर ही रहना पड़ रहा है। बच्चे स्कूल जाने की बात पूछने के साथ ही अपने पिता से यह भी पूछने लगे हैं कि पापा आप आफिस कब जाओगे। कब कोरोना हमारे देश से जाएगा। बच्चों के ऐसे कई सवालों से इन दिनों माता-पिता को दो-चार होना पड़ रहा है। स्कूल से ऑनलाइन पढ़ाई की जा रही है। अभिभावकों को ट्यूटर की भूमिका निभानी पड़ रही है। शनिवार को बागेश्वर निवासी ज्याेति चंदाेला घर पर अपने बेटे आदि और देव काे पढ़ा रही थीं। इस काम में उनका सहयोग कल्पना चंदोला दे रही थीं। ज्योति चंदोला ने बताया कि टीवी कार्यक्रम दिखाकर, मोबाइल देने के साथ ही नए कपड़े, खिलाैने देने और घुमाने ले जाने का वायदा कर बच्चों की जिद काे शांत कर रही हैं। बच्चों को बताया जा रहा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने घर पर ही रहने काे कहा है। तभी कोरोना भागेगा। यह कहानी अकेले ज्योति चंदोला की नहीं है। हर घर में बच्चों के ऐसे प्रश्नों का सामना अभिभावक कर रहे हैं।
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