बागेश्वर के जीआईसी नाचती में चल रहा भवन निर्माण। स्रोत शिक्षक
बागेश्वर। राजकीय इंटर कॉलेज नाचती के विद्यार्थियों को अब पुराने और जर्जर कक्षों में बैठकर पढ़ाई नहीं करनी होगी। न ही उनके सिर छत टपकेगी। वह किताबों पर अपना पूरा ध्यान लगाकर पढ़ाई कर सकेंगे। विद्यालय में राज्य सेक्टर मद से कक्षा व कक्षों के पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। इस साल के अंत तक कमरों का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
80 लाख रुपये की लागत से स्कूल में दो कमरों का नए सिरे से निर्माण किया जा रहा है। साथ ही छह कमरों का जीर्णोद्धार हो रहा है। इनमें दीवारों की मरम्मत, नई छत, खिड़की-दरवाजे आदि बदले जाने हैं। दो कमरों के छतों की मरम्मत की जाएगी। भवन के जीर्णोद्धार के बाद यहां अध्ययन कर रहे 98 विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
प्रधानाचार्य दयाल कुमल्टा ने बताया कि विधायक सुरेश गढि़या, पूर्व डीएम आशीष भटगांई और पूर्व सीईओ जीएस सौन के प्रयासों से विद्यालय भवन के लिए बजट मंजूर हुआ था। जीआईसी नाचती का भवन पुराना और जर्जर हो चुका था। कमरों की छत टपकने की दिक्कत थी। बल्लियों में दीमक लगने से कई कमरों में छत गिरने का खतरा बना हुआ था। विद्यालय से लगातार समस्या को लेकर पत्राचार किया जा रहा था। राज्य सेक्टर मद से बजट मिलने के बाद भवन के जीर्णोद्धार का काम शुरू कराया गया।