बागेश्वर। अगर घर में एक ही पेयजल संयोजन है और तीन-चार परिवार पानी भरते हैं तो सतर्क हो जाइए। जल संस्थान ने ऐसे परिवारों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। एक कनेक्शन से अगर दो या अधिक परिवार पानी जुटा रहे होंगे तो उस कनेक्शन धारक को खपत के अनुसार अधिक बिल का भुगतान करना होगा। सर्वे से अवैध रूप से कनेक्शन लेकर मुफ्त का पानी पीने वालों की भी पहचान की जाएगी।
नगरपालिका क्षेत्र की जनसंख्या 40 हजार से अधिक है। इसके बावजूद जल संस्थान में मात्र 4200 उपभोक्ता पंजीकृत हैं। कम उपभोक्ता होने के बाद भी नगर में पेयजल संकट रहता है। कहीं जरूरत से अधिक तो कहीं कम पानी लोगों को मिलता है। बढ़ती आबादी से जल संस्थान के पास पेयजल किल्लत की शिकायतें तो बढ़ रही हैं लेकिन बिल से प्राप्त होने वाला राजस्व नहीं बढ़ रहा। इसको देखते हुए विभाग ने सर्वे कराने का निर्णय लिया है। सर्वे से नगरपालिका क्षेत्र के प्रत्येक मकान में रहने वाले परिवार की सटीक जानकारी मिल जाएगी। अवैध रूप से कनेक्शन लगाकर पानी भरने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकेगी।
बिल भुगतान के लिए बना है 10 हजार लीटर का मानक
बागेश्वर। नगरपालिका क्षेत्र में एक परिवार को प्रति माह 10 हजार लीटर मानक के अनुसार पेयजल बिल का भुगतान करना होता है। अधिकतर परिवार इससे अधिक पानी का उपभोग करते हैं लेकिन अधिक खपत किरायेदार रखकर घरेलू कनेक्शन का व्यावसायिक उपयोग करने वालों से हो रही है। कई मकानों में एक कनेक्शन से पांच से अधिक परिवार पानी जुटा रहे हैं।
सर्वेक्षण के माध्यम से अवैध कनेक्शनधारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक कनेक्शन से अगर अधिक परिवार पानी जुटा रहे होंगे तो सर्वे के बाद उन कनेक्शनधारियों के लिए खपत के अनुसार अलग बिल का निर्धारण किया जाएगा।
सीएस देवड़ी, ईई जल संस्थान बागेश्वर