जिले में डीजल की आपूर्ति नहीं सुधर सकी है। शादियों में अधिक वाहन लगने और कालाबाजारी से यह समस्या बढ़ने लगी है। मांग के मुताबिक डीजल न मिलने से खास तौर पर चालकों, विकास कार्य में लगी जेसीबी चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यहां बागेश्वर नगर में एक, कांडा मार्ग में दो, कपकोट मार्ग पर एक, ताकुला मार्ग पर दो, बैजनाथ में एक डीजल पेट्रोल पंप है। हर पंप पर एक दिन में 9000 लीटर डीजल, 3000 लीटर पेट्रोल आना चाहिए, लेकिन पिछले हफ्ते से रोजाना की बजाय दूसरे, तीसरे दिन आपूर्ति की जा रही है। जिले में 4000 से भी अधिक दोपहिया, चौपहिया, छह पहिया वाहन चलते हैं जबकि कई सड़कों, विकास कार्यों के निर्माण में जेसीबी, जनरेटर, पोकलैंड मशीनें चल रही हैं।
धान कुटाई, गेहूं पिसाई, तेल पिराई मशीनें भी डीजल से ही चलते हैं। डीजल की कमी का सबसे बुरा असर लघु उद्योगों, विकास कार्यों पर लगी जेसीबी पर पड़ा है। इन दिनों बारात का सीजन है। एक ही बारात में कई प्रकार के छोटे-बड़े वाहन लगने से समस्या बढ़ गई। कुछ लोग पंपों से ड्रमों में डीजल भरकर जमाखोरी भी कर रहे हैं। ऐसे लोगों में डीजल को मनमाने दामों में बेच रहे हैं, इससे भी समस्या बढ़ रही है।
जिला पूर्ति अधिकारी जेएस कंडारी ने दो-तीन दिन में आपूर्ति सुधरने की उम्मीद जताई। बताया कि यहां पेट्रो पदार्थ लालकुआं डिपो से आते हैं। कुछ कंपनियों से आपूर्ति कम हो रही है जबकि कई बार किराए का टैंकर समय पर न मिलने से आपूर्ति चरमरा जाती है। उन्होंने कहा कि ड्रमों में डीजल की जमाखोरी रोकी जाएगी। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।