जिले में डीजल, पेट्र्रोल की किल्लत बढ़ती जा रही है। पेट्रो पदार्थों की भारी किल्लत से जहां आम जनता परेशान है वहीं कारोबार पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। तेल की कमी के कारण सुदूरवर्ती क्षेत्र में पखवाड़ेभर से वाहनों का संचालन ठप है।
तेल की कमी के कारण यहां रसोई गैस के सिलेंडरों से लदे ट्रक भी कम पहुंच रहे हैं। पर्याप्त मात्रा में पेट्रो पदार्थ न मिलने से लोग परेशान हैं। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने पेट्रो पदार्थों की आपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिले में पेट्रोल, डीजल के कुल सात पंप हैं। इन पंपों पर रोजाना नौ हजार लीटर डीजल, तीन हजार लीटर पेट्रोल आता था लेकिन 20 दिन से दूसरे, तीसरे दिन टैंकर आ रहे हैं। टैंकर देर शाम पहुंचते हैं और रात में ही तेल बंट भी जाता है। इस कारण दूरदराज से आने वाले वाहनों को तेल नहीं मिल पा रहा, जबकि अब लोग बारातों में कम वाहन लगा रहे हैं।
निर्माण कार्र्यों में लगी जेसीबी मशीनों को भी किल्लत का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, हालांकि प्रशासन ने पूर्ति विभाग की पर्ची पर तेल बांटने की व्यवस्था की है, लेकिन पर्ची के माध्यम से भी जरूरत के मुताबिक तेल नहीं मिल पा रहा है। वहीं मौके का फायदा उठाकर कुछ लोग जमाखोरी, कालाबाजारी भी कर रहे हैं।
प्रशासन ने ऐसे तत्वों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। जिला पूर्ति अधिकारी जेएस कंडारी ने चेताया कि यदि कोई व्यक्ति जमाखोरी करते पकड़ा गया तो, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों, चालकों, मालिकों ने चेतावनी दी कि यदि पेट्रो पदार्थ की मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।