बागेश्वर। जिले में करीब 20 मेगावॉट बिजली उत्पादन के बावजूद भगदानू गांव समेत जिले के विभिन्न गांवों के लोग बिजली की सुविधा से वंचित हैं। इन गांवों की पांच हजार से अधिक की आबादी रात में धुआं उगलती ढिबरी या छिलके जलाने को मजबूर है।
जिले में कुल 416 ग्राम पंचायतें हैं। जिले की आबादी करीब 2.50 लाख है। इनमें से दो लाख की आबादी गांवों, तोकों में रहती है। जिनमें मूलभूत सुविधाओं की कमी है। इस जिले को रोशन करने के लिए अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जिलों के दो-दो ग्रिड्स से जोड़ा गया है।
जिले की सरयू, पिंडर, कनलगढ़ सहित अन्य नदियों में छोटी-बड़ी विद्युत परियोजनाओं में करीब 20 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होता है, इसके बावजूद आजादी के 69 वर्षों के बाद भी इस जिले की पूरी आबादी को बिजली की सुविधा तक नहीं मिल सकी है।
आज भी जिले का भगदानू गांव सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के 122 तोक बिजली की सुविधा से वंचित हैं। इन गांवों में रहने वाली करीब पांच हजार की आबादी केरोसिन की धुआं उगलती ढिबरी या चीड़ के छिलकों के सहारे रात गुजारती है। बिजली की सुविधा नहीं होने से इन गांवों के लोग टेलीविजन, कंप्यूटर, मोबाइल फोन की सुविधाओं के लाभ से भी वंचित हैं।