फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में सेनेटाइजर नहीं, साबुन से हाथ धो रहे लोग

विज्ञापन
जिला अस्पताल में पानी से हाथ धुलवाता पीआरडी जवान। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
विज्ञापन
बागेश्वर। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य महकमे को लाखों रुपये की धनराशि सांसद, विधायकों ने अपनी निधि से दी है। शासन से भी मोटी रकम मिली है लेकिन जिला अस्पताल में सैनिटाइजर तक उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए अस्पताल प्रशासन ने साबुन और पानी की व्यवस्था की है। सैनिटाइजर की अनुपलब्धता के बारे में स्वास्थ्य महकमे के आला अधिकारी स्पष्ट रूप से बोलने से भी कतरा रहे हैं।
विज्ञापन

सोमवार को जिला अस्पताल में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। अस्पताल में सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं थी। अस्पताल परिसर में पानी की बाल्टी और साबुन रखा हुआ था। एक पीआरडी का जवान अस्पताल आने वाले मरीजों के हाथ पानी से धुलवा रहा था। अस्पताल स्टाफ ने भी सैनिटाइजर न होने की बात स्वीकारी। जिला अस्पताल में सैनिटाइजर की कमी कहीं न कहीं कुप्रबंधन को बयां कर रही है।
कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए जिले के मुख्य विकास अधिकारी को सांसद अजय टम्टा ने 17.5 लाख, विधायक चंदन राम दास और विधायक बलवंत भौरियाल ने निधि से 5-5 लाख रुपये और राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने 10 लाख अवमुक्त किए हैं। बजट की पर्याप्त उपलब्धता के बाद भी जिला अस्पताल में सेनेटाइजर तक न होना कहीं न कहीं लचर कार्यप्रणाली का ही भान कराती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बारे में पूछने पर जिला अस्पताल के सीएमएस और सीएमओ ने एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें