सुंदरढुंगा ट्रैकिंग रूट से डेढ़ माह पूर्व लापता हुए छत्तीसगढ़ के युवा ट्रैकर की तलाश के लिए हेलीकाप्टर से खोजी अभियान चलाया गया। 15 हजार फुट की ऊंचाई से लेकर बेस तक खोज के बाद भी लापता ट्रैकर का कोई सुराग नहीं लग सका। लगभग एक घंटे तक खोजी अभियान चलाने के बाद हेलीकाप्टर देहरादून वापस चला गया। मालूम हो कि छत्तीसगढ़ के रायपुर से बागेश्वर आया 28 वर्षीय वागीश चंद्राकर पिछले डेढ़ माह से लापता है। वह चार सितंबर को खाती गांव में रुका था।
इसके बाद पांच सितंबर को उसे जातोली में देखा गया। छह सितंबर की सुबह साढ़े आठ बजे वह सुंदरढुंगा ग्लेशियर के लिए निकला। इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। कई दिनों तक वागीश का फोन नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। ट्रैकर के लापता होने की सूचना पर प्रशासन की ओर से भी एसडीआरएफ के जवानों के साथ दो बार सर्च अभियान चलाया था। इसके बावजूद लापता का कोई सुराग नहीं लगा।
वागीश के परिजनों की मांग पर उत्तराखंड सरकार ने लापता ट्रैकर की तलाश के लिए बुधवार को हेलीकाप्टर कपकोट भेजा। सुबह 7.45 बजे हेेलीकाप्टर कपकोट पहुंचा। 8 बजकर पांच मिनट से हेलीकाप्टर के जरिए सुंदरढुंगा ग्लेशियर क्षेत्र में खोजी अभियान चलाया गया। खोजी टीम में प्रशासन की ओर से राजस्व निरीक्षक भुवन लाल वर्मा, लापता वागीश के रिश्तेदार तुपेश चंद्राकर और स्थानीय गाइड भगवान सिंह दानू शामिल थे।
कपकोट के एसडीएम रवींद्र बिष्ट ने बताया कि हेलीकाप्टर से सुंदरढुंगा ट्रैक और ग्लेशियर क्षेत्र में 15 हजार फुट की ऊंचाई से लेकर बेस तक खोज की गई, लेकिन लापता का कोई सुराग नहीं लग सका।