बागेश्वर। महिलाओं के श्रम के सम्मान का प्रतीक किर्साण महोत्सव का दूसरा चरण शुरू हो गया है। पहले दिन तीन गांवों में हुई प्रतियोगिता के आधार पर नौ महिलाओं का चयन किया गया है। सात गांवों से 21 प्रतिभागियों का चयन होना बाकी है।
घास काटो प्रतियोगिता की शुरूआत कनस्यारी गांव से हुई। 45 साल से कम उम्र की 17 महिलाओं ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। शोभा देवी ने दो मिनट में सबसे अधिक 18.90 किलोग्राम घास काटते हुए पहला स्थान पाया। हीरा देवी दूसरे और नेहा देवी तीसरे स्थान पर रहीं।
कुमरौड़ा गांव में 18 महिलाओं ने भागीदारी की। यहां दया देवी, तारा देवी और विमला देवी क्रमश: पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। बंड गांव में दीपा देवी, हीरा देवी और मीरा देवी ने क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त कर फाइनल में स्थान बनाया।
आयोजक डॉ. किशन सिंह राना ने बताया कि प्रतियोगिता में 20 महिलाओं ने भागीदारी की। कुल 10 गांवों में होने वाली प्रतियोगिता के आधार पर 30 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा।
पारदर्शिता से होता है चयन
घास काटो प्रतियोगिता के लिए दो मिनट का समय तय है। प्रतिभागी को घास काटने के दौरान अपने हाथ या अंगुलियों को कटने से बचाना होता है। वहां लगे किसी उपयोगी पौधे को कटने से बचाना भी जरूरी है। प्रतियोगिता को पारदर्शी बनाने के लिए महिलाएं स्वयं अपनी काटी घास को तुलवाने वाले स्थल तक लाती हैं। उनके सामने की तौल कर विजेताओं का चयन किया जाता है।