बागेश्वर के शिक्षा विभाग के कार्यालय में आई किताबों की गिनती करते पुस्तक प्रभारी। विज्ञप्ति
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बागेश्वर। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत 11 दिन पहले हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद स्कूलों में किताबें नहीं पहुंच सकी हैं। जूनियर कक्षाओं की 52 विषयों में से 41 विषय की किताबें ही विभाग को मिली हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 75 से मात्र नौ विषयों की किताब ही जिले में पहुंची हैं। किताब न आने के कारण स्कूलों में शिक्षण कार्य की शुरुआत करने में दिक्कत हो रही है।
सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से 12 तक केे छात्र-छात्राओं को निशुल्क किताबें बांटी जानी हैं। शासन से प्राप्त पुस्तकों को सीआरसी स्तर से विद्यालयों में बंटवाया जा रहा है। हालांकि अप्रैल के दो सप्ताह बीतने के बाद भी जिले के स्कूलों तक किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक जिले में पूरी किताबें नहीं मिल सकीं हैं। एक से आठ तक की कक्षाओं की 11 विषयों की किताबें कम आईं हैं, जिनमें कक्षा सात के किसी भी विषय कीकिताब नहीं आई है। वहीं कक्षा तीन और पांच में बाल संस्कृत विषय की पुस्तक नहीं पहुंची है। हाईस्कूल-इंटर की 56 विषयों की पुस्तकें भी नहीं पहुंच सकी हैं। उपलब्ध विषयों में आठ कक्षा नौ की और एक कक्षा 12 के विषय की पुस्तक मिली है। कक्षा 10 और 11 के किसी भी विषय की किताब नहीं आई है।
सात सीआरसी में पहुंची किताब
बागेश्वर। शिक्षा विभाग के कार्यालय से सीआरसी के लिए पुस्तकें भेजने का काम शुरू हो गया है। जिले में कुल 44 सीआरसी हैं। इनमें से सात सीआरसी के लिए किताबें भेज दी गईं हैं। हालांकि अभी स्कूल तक किताबें नहीं पहुंचीं हैं। सोमवार को भी सीआरसी के लिए किताबें भेजने का काम जारी रहा। जिला पुस्तक प्रभारी उमेश जोशी ने कहा कि पुस्तकें भेजने का काम चल रहा है। उन्होंने सभी सीआरसी समन्वयकों ने पुस्तक प्राप्त कर उन्हें समय से विद्यालयों में भिजवाने का निर्देश दिया है।
विद्यालयों में पुस्तक भेजने का काम शुरू कर दिया गया है। अभी बेसिक और माध्यमिक स्तर की सभी पुस्तकें नहीं आईं हैं। जितनी पुस्तकें मिली हैं, उन्हें सीआरसी और विद्यालयों के लिए भिजवाया जा रहा है। अप्रैल के अंत तक सभी विषय की किताबें पहुंचने की उम्मीद हैं। पुस्तक आते ही विद्यालयों में भिजवा दी जाएंगी। - गजेंद्र सिंह सौन, मुख्य शिक्षाधिकारी, बागेश्वर।