बागेश्वर। बागेश्वर में 200 बेड का नया अस्पताल बनेगा। इसकी कवायद शुरू हो गई है। दो सौ बेड का अस्पताल बनाने के पीछे मेडिकल कॉलेज की अर्हता पूरी करने का प्रयास है।
भारत सरकार ने देश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की है। इस घोषणा के अनुरूप एक साल पहले जिले में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन चयनित कर ली गई है। मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए 200 बेड का अस्पताल होना जरूरी है। प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज की अड़चनें दूर करने के लिए जिले में 200 बेड का अस्पताल बनाने का निर्णय लिया है।
समाज कल्याण मंत्री एवं स्थानीय विधायक चंदन राम दास की पहल पर जिला मुख्यालय के खोली में पूर्व में बेस अस्पताल के लिए चयनित जमीन पर अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया है।
अस्पताल स्थापित करने के लिए धरातल पर कवायद भी शुरू हो गई है। सीएमओ डॉ. डीपी जोशी ने बताया कि खोली गांव में चयनित जमीन में 200 बेड का अस्पताल बनाया जाना है। अस्पताल भवन की डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डीपीआर तैयार होने के बाद स्वीकृति के लिए शासन को भेजी जाएगी।
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पहले से स्वीकृत है 50 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर
बागेश्वर। बागेश्वर में 50 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर बनाने के लिए भारत सरकार ने 23 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। क्रिटिकल केयर सेंटर की डीपीआर भी तैयार हो गई है। क्रिटिकल केयर सेंटर में ट्रामा सेंटर से भी बेहतर सुविधा मिलेगी। इस पर अमर उजाला ने बीते 28 मार्च के अंक में विस्तार से खबर प्रकाशित की थी। वर्तमान में जिला अस्पताल में 70 बेड हैं। 200 बेड का नया अस्पताल और 50 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर बनने के बाद जिले के अस्पतालों में बेडों की संख्या 320 हो जाएगी। संवाद
कोट
गरुड़ में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन चयनित की गई है। मेडिकल कॉलेज की अर्हता पूरी करने की दिशा में गंभीरता से काम किया जा रहा है। इसी को देखते हुए जिले में 200 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। खोली में बनने वाला क्रिटिकल केयर सेंटर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने में अहम साबित होगा। - चंदन राम दास समाज कल्याण मंत्रीथानीय विधायक।