क्षेत्रफल और आबादी के हिसाब से बागेश्वर नगर का ज्वाला देवी वार्ड सबसे बड़ा है। दो हिस्सों में बंटे इस वार्ड की आधी आबादी सरयू नदी के किनारे तो आधी आबादी गोमती नदी के किनारे बसी है। कूड़ा निस्तारण को लेकर कुछ समय पूर्व मोहल्ला स्वच्छता समिति गठित की गई परंतु व्यवस्थाओं के प्रभावी नहीं होने से मुहल्ले के घर व आंगन तो साफ हो गए लेकिन सरयू और गोमती नदियां आज भी अपने हाल पर हैं। हालात यह हैं कि इस वार्ड की गंदगी दो नदियों को दूषित कर रही है।
ज्वालादेवी वार्ड में तहसील, पर्यटक आवास गृह, ईसीएचएस, दूर संचार विभाग का ऑफिस सहित कई स्कूल हैं। अल्मोड़ा-हल्द्वानी का टैक्सी स्टेंड भी इसी वार्ड से होकर गुजरने वाली सड़क में है। ऐसे में दिन भर सड़कों से लेकर गलियों तक कूड़ा एकत्र होता रहता है। सड़क किनारे कई दुकानें हैं। कई लोग दुकानों का कूड़ा और मलबा गोमती नदी में बने पुल से ही नदी में डाल देते हैं।
नदीगांव के घरों का कूड़ा रास्ते के एक किनारे जमा किया जाता है यह कूड़ा सीधे नदी में जाता है। कई लोग पर्यावरण सुरक्षा की चिंता किए बिना पॉलीथिन में कूड़ा एकत्र कर छतों से सीधे नदी में फेंक देते हैं। भवन सहित अन्य तरह के निर्माण का मलबा भी गोमती या फिर सरयू में डाल दिया जाता है। घर, होटल रेस्टोरेंटों से निकलने वाली गंदगी का एक नाला वार्ड से सीधे सरयू नदी में डाला गया है।