कपकोट/बागेश्वर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की वेबसाइट में कपकोट तहसील के छह से अधिक गांवों के नाम गायब हैं। इस कारण इन गांवों के लोग किसान सम्मान निधि के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं।
कपकोट तहसील के अंतर्गत कन्यूटी, बमसेरा, हिचौड़ी, ऐठाण, पालीडुंगरा आदि गांवों के नाम पीएम किसान सम्मान निधि की वेबसाइट में नहीं हैं। इस कारण इन गांवों के किसान पात्र होते हुए भी किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने बताया कि कपकोट तहसील में लगे शिविर में वह किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन करने गए थे। पता चला कि वेबसाइट में उनके गांव का नाम नहीं है। आरोप लगाया कि किसान सम्मान निधि की वेबसाइट में उनके गांवों के नाम नहीं दर्शाए गए हैं। शिविर में आए अधिकारियों ने यह कहकर आवेदन करने से मना कर दिया कि उनके गांव के नाम वेबसाइट में नहीं हैं। किसानों ने इसकी शिकायत तहसीलदार विनोद वर्मा से की। तहसीलदार ने कृषि अधिकारी से वार्ता कर समस्या का समाधान करने आश्वासन दिया।
क्या कहते हैं किसान
किसान सम्मान निधि की वेबसाइट से मेरे गांव का नाम गायब है। इस कारण गांव के कई लोग किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इससे उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। - कैलाश चंद्र जोशी, कन्यूटी फ
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किसान सम्मान निधि वेबसाइट में गांव का नाम न होने से आवेदन नहीं भर पा रहा हूं। कई बार आवेदन करने गया लेकिन वेबसाइट में गांव का नाम न होने से आवेदन नहीं भरा जा रहा है। इस कारण किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। - दीपक जोशी, कन्यूटी
किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित हूं। कई बार आवेदन करने गया लेकिन किसान सम्मान निधि की वेबसाइट में गांव का नाम ही नहीं है। इस वजह से गांव के कई किसान भाई आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं। - केवलानंद मिश्रा, मिच्छात
गांव के किसानों को किसान सम्मान निधि मिलेगी तो खेती के प्रति रुझान बढ़ेगा। मेरे गांव का नाम किसान सम्मान निधि की वेबसाइट से गायब है। इससे किसानों को सालभर में मिलने वाले छह हजार की राशि से हाथ धोना पड़ रहा है। - पुष्पा रावत, डोडिला