बागेश्वर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते गरुड़ के लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। गरुड़ को नगर पंचायत बनाने का विरोध तेज होता जा रहा है। क्षेत्र के आधा दर्जन ग्राम सभाओं के लोगों ने जिला कार्यालय में प्रदर्शन कर नगर पंचायत का विरोध किया। ग्रामीणों ने गरुड़ बाजार को अलग ग्राम पंचायत घोषित करने का सुझाव दिया। ग्रामीणों ने दस दिन के भीतर समस्या का निदान न होने पर बैजनाथ में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
सोमवार को भकुनखोला, गढ़सेर, फुलवाड़ीगूंठ, स्याल्दे टीट, सिल्ली और पाये के लोगों ने जिला कार्यालय में नारेबाजी की। ग्राम प्राधन संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष हिमांशु खाती ने कहा कि नगर पंचायत में शामिल अधिकांश क्षेत्र ग्रामीण हैं। ग्राम पंचायत इन गांवों में स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल आदि जनहित के कार्य करती है। इन गांवों की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है।
नगर पंचायत बनने के बाद विकास के नाम पर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचेगा। कहा कि ग्रामीण नगर पंचायत के तहत लगने वाले कर देने की स्थिति में भी नहीं हैं। नगर पंचायत बनने के बाद उन्हें कृषि से भी हाथ धोना पड़ सकता है। ऐसे में लोगों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि नगर पंचायत का निर्णय कुछ लोगों के आंदोलन करने के बाद विधायक के दिए गए आश्वासन का नजीता है। क्षेत्र के लोगों को इससे खास लाभ मिलने वाला नहीं है।
ग्रामीणों ने चार ग्राम पंचायतों के तहत बसे गरुड़ बाजार को नगर पंचायत की जगह अलग ग्राम पंचायत बनाने के लिए कहा ताकि बाजार क्षेत्र में भी ग्राम पंचायत के तहत मिलने वाली सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें। इस मौके पर मोहन सिंह अल्मियां, शंकर दत्त जोशी, हरीश राम टम्टा, राजेंद्र गिरी आदि थे।