उत्तरायणी मेले की तैयारियों को लेकर यहां नगर पंचायत के सभागार में रविवार को आम बैठक हुई। जिसमें सभी लोगों ने मेले को भव्य, आकर्षक बनाने के लिए सुझाव दिए। जिला पंचायत की ओर से पवनदीप का कार्यक्रम प्रायोजित करने की पेशकश की गई। मेले के दौरान पवित्र स्थानों पर मीट की दुकानें की प्रतिबंधित करने की मांग की गई।
बैठक में मेले के दौरान इस बार भी लोकसंस्कृति पर आधारित कार्यक्रम कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए शीघ्र ही टीमों, लोक कलाकारों के साथ संपर्क किया जाएगा। मेले के आयोजन से जुड़े लोगों ने बताया कि सफाई, स्ट्रीट लाइट, सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। बाहर से आने वाले व्यापारियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाएगा।
जिला पंचायत की ओर से पवनदीप का कार्यक्रम प्रायोजित करने की पेशकश को स्वीकार किया गया। मेला समिति की कार्यकारिणी और उप समितियों के गठन को लेकर चर्चा हुई। शीघ्र इसके चुनाव कराने की सहमति बनी। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष भूपेंद्र जोशी बबलू ने सरयू बगड़ को खुला रखने के लिए दुकानें विकास भवन-चौरासी मार्ग पर लगाने, व्यवस्थित ढंग से दुकानें लगाने के लिए टेंट हाउसों को ठेका दिया जाए।
मंदिर क्षेत्र समेत अन्य पवित्र स्थानों पर मीट आदि की दुुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी जाए। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष गीता रावल, सुनील भंडारी, केएमवीएन के उपाध्यक्ष गोपाल दत्त भट्ट, नरेंद्र खेतवाल, जयंत भाकुनी, इंद्र सिंह परिहार, नवीन साह, भगत रावल, हरीश साह, निर्मला दफौटी, कविता जोशी, दीप जोशी आदि मौजूद थे।