बागेश्वर। घिंघारूतोला के मुस्योली गांव के लिए खड़िया खनन खतरा बन गया है। खनन से गांव की जमीन में दरारें पड़ने लगी हैं। सात आवासीय मकान और कई उपजाऊ खेेत खतरे की जद में हैं। बारिश के बाद दरारें लगातार चौड़ी होते जा रही हैं। दहशत में जी रहे ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर खड़िया खनन पर रोक लगाने और नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
घिंघारूतोला से एक किमी की दूरी पर बसे मुस्योली गांव में करीब 80 परिवार रहते हैं। गांव के अधिकतर लोग खेतीबाड़ी कर जीवनयापन करते हैं। गांव की जमीन में खड़िया निकलने के बाद खनन कारोबारियों ने गांव का रुख किया और गांव में करीब पांच खड़िया की खानों का संचालन होने लगा। अब यही खानें ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। खनन से गांव की जमीन दरकने लगी है। कई खेत और मकान जमीन में दरार पड़ने से खतरे की जद में आ गए हैं। गांव के नायब सूबेदार संदीप सिंह के मकान और खेतों को भी खतरा हुआ तो उन्होंने मसले को प्रशासन के सम्मुख रखा। ग्रामीणों ने भी कई बार डीएम को ज्ञापन देकर गांव में खड़िया खनन से हो रहे नुकसान का संज्ञान लेने की मांग की। लोगों की लगातार मांग के बाद खान अधिकारी ने खान का निरीक्षण किया। मानसून सत्र शुरू होने के बाद से फिलहाल खदानों में खनन का काम रुका है, लेकिन बारिश के चलते दरारें लगातार चौड़ी हो रही हैं। इससे गांव में खतरा बढ़ता जा रहा है।
दो खदानों से हो रहा खतरा
बागेश्वर। मुस्योली के ग्राम प्रधान भगवान सिंह खाती ने बताया कि गांव में पांच खड़िया की खानों का संचालन हो रहा है। इनमें से दो खदान खतरा पैैदा कर रही है। खनन से गांव के करीब सात मकान खतरे की जद में आ गए हैं। लीज की 10 नाली और लीज के बाहर भी करीब सात नाली जमीन बर्बाद हो गई है। हाइटेंशन बिजली लाइन के दो पोल भी खतरे की जद में हैं। बारिश के कारण खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि खान मालिकों ने वन पंचायत की भूमि में मानकों की अनदेखी कर खड़िया का भंडारण भी किया है।
मुस्योली गांव में एक खड़िया खान से नुकसान होने की शिकायत पर तहसील प्रशासन की टीम ने मंगलवार को गांव का दौरा किया। नायब तहसीलदार दीपिका आर्या ने नुकसान का मुआयना और ग्रामीणों से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे डीएम को सौंपा जाएगा। फिलहाल मानसून के चलते खनन बंद है। रिपोर्ट में खामी पाए जाने और खतरे को देखते हुए आगे भी खनन बंद करने की कार्रवाई की जा सकती है। - योगेंद्र सिंह, एसडीएम बागेश्वर।