बागेश्वर। कपकोट के शामा, लीती, दुलम समेत तमाम गांवों में लोग मशरूम उत्पादन से अपनी आजीविका चलाते आए हैं। पिछले वर्ष लॉकडाउन के बाद इस बार फिर कोविड कर्फ्यू की मशरूम उत्पादन पर मार पड़ी है। मशरूम नहीं बिकने पर लोगों ने सोयाबड़ी की तर्ज पर मशरूम की बड़ी और अचार बनाना शुरू कर दिया है।
कपकोट विकासखंड के दूरस्थ गांव दुलम, शामा, लीती, भनार समेत तमाम गांवों के लोग वर्ष 2019 से मशरूम का उत्पादन करते हैं। इन गांवों में बड़े स्तर पर मशरूम का उत्पादन किया जाता है। जिले में सौ से अधिक लोग मशरूम उत्पादन कर रहे हैं। उत्पादित मशरूम स्थानीय बाजारों के साथ ही कपकोट, बागेश्वर में बेचा जाता था। दो सौ से ढाई सौ रुपया किलो बिकने वाले मशरूम से उत्पादकों को अच्छी आय होती थी। इस समय कृषि उत्पादों की बिक्री में किसी प्रकार की रोक नहीं है लेकिन सीमित समय के लिए बाजार खुलने के साथ आवागमन के साधन कम होने से मशरूम पर्याप्त मात्रा में बिक नहीं पा रहा है।
लीती की मशरूम उत्पादक धना कोरंगा ने मशरूम से बड़ी बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस समय उनके पास 50 किलो से अधिक मशरूम डंप पड़ा थ, जिसकी बड़ी बना रही हैं। मशरूम का आचार पहले बनाया जाता है, मशरूम का अचार 400 रुपया किलो बिकता है। बतातीं हैं कि मशरूम की बड़ी बनाने में उड़द की दाल, मैदा, सब्जी के मसाले मिलाए जा रहे हैं। लागत के हिसाब से बड़ी का मूल्य तय किया जाएगा। (संवाद)
2019-20 से बड़े स्तर पर हो रहा उत्पादन
बागेश्वर। कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर (बागेश्वर) के प्रभारी अधिकारी कृषि वैज्ञानिक डॉ. कमल कुमार पांडेय बताते हैं कि जिले में वर्ष 2015-16 से छोटे स्तर पर मशरूम का उत्पादन किया जाता है। वर्ष 2019-20 से बड़े स्तर पर मशरूम का उत्पादन हो रहा है। कपकोट के लीती, दुलम, शामा, भनार क्षेत्र में बड़े स्तर पर काश्तकार मशरूम उत्पादन कर रहे हैं। तमाम किसानों को कौशल भारत योजना के तहत 200 घंटे का प्रशिक्षण दिया गया था। यह लोग अब अन्य लोगों को मशरूम उत्पादन के गुर सिखाते हैं। दुलम के भगवत कोरंगा, लीती के हीरा सिंह कोरंगा समेत तमाम लोग अन्य लोगों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देते हैं। जाड़ों में बटन प्रजाति के और गर्मियों में ढिंगरी प्रजाति के मशरूम का उत्पादन किया जाता है। मशरूम उत्पादकों को समय-समय पर राय देने के लिए दो व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। उद्यान और ग्राम्या विभाग से रियायती दर पर खाद दी जाती है।