नगर से लगे मंडलसेरा में नव निर्मित बाईपास सड़क की हालत दयनीय हो गई है। सड़क पर सोलिंग और डामर नहीं होने के कारण जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इनमें पानी भर जाने के कारण गंदगी की भी बढ़ रही है। बारिश के मौसम में इस मार्ग पर पैदल चलना भी कठिन हो जाता है।
भागीरथी से मंडलसेरा होते हुए आरे तक 6 किमी लंबी बाईपास सड़क का निर्माण 2011 में हो गया था। सड़क कटने के बाद इस पर वाहनों का संचालन शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक सड़क पर सोलिंग और डामर नहीं हो सका है, जिससे तमाम तरह की समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
ग्रीष्मकाल में वाहन चलने पर मिट्टी और धूल आसपास के घरों में घुस जाती है। बारिश के मौसम में सड़क पर कीचड़ भर जाता है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहनों के संचालन में कठिनाई होती है। टायरों से उछलता कीचड़ लोगों की मुसीबत का सबब बन जाता है।
बारिश में पानी भर जाने के कारण इस सड़क पर पैदल चलना दूभर हो जाता है। सड़क पर नालियों का भी निर्माण नहीं हुआ है। कई घरों का पानी रोजाना सड़क पर बहता रहता है।
मंडलसेरा निवासी भुवन चौबे ने बताया कि स्थानीय लोग कई बार लोनिवि अधिकारियों को इस बारे में बता चुके हैं, लेकिन सड़क की दशा नहीं सुधारी जा रही है। लोनिवि के अधिकारियों ने बताया कि आगे के कार्यों के लिए यह सड़क एडीबी आपदा खंड को सौंपी गई है।
वहीं कपकोट में चीराबगड़-पोथिंग सड़क की हालत बदतर हो गई है। ग्रामीणों ने सड़क की हालत शीघ्र ठीक न होने पर 15 दिसंबर से आंदोलन की चेेतावनी दी है। ग्रामीणों ने बताया पीएमजीएसवाई की चीराबगड़-पोथिंग सड़क के किनारे टूटे हैं। गधेरों में कॉजवे नहीं बने हैं। पहाड़ से हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए दीवारें नहीं बनी हैं।
भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हिस्सों को भी ठीक नहीं किया जा सका है वर्षों पूर्व किया गया डामर कई जगह उखड़ चुुका है। सड़क का विस्तारीकरण का काम भी ठप है। सड़क की हालत शीघ्र सुधारने के लिए कई बार मांग कर दी है, लेकिन संबंधित विभाग सुन नहीं रहा है।
आंदोलन की चेेतावनी देने वालों में पूर्व विधायक शेर सिंह गढ़िया, ग्राम प्रधान चंपा देवी, बीडीसी सदस्य शोभा गढ़िया, संजय जोशी, जमन सिंह गढ़िया, हयात सिंह गढ़िया, सतीश जोशी आदि शामिल हैं।