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किसानों को थका देना चाहती है मोदी सरकार : हरीश रावत

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हरदा अंदाज:बागेश्वर में मूंफली भूनते हरीश रावत। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने शुक्रवार को किसान आंदोलन और रोजगार के मुद्दे पर कुली बेगार आंदोलन स्थल सरयू बगड़ में उपवास किया। उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि दी और 11 मिनट का मौन रखा। पूर्व मुख्यमंत्री ने सरयू में सौ लोटे जल चढ़ाकर भ्रष्टाचार से लड़ने का संकल्प लिया।
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उपवास स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सौ साल पहले इसी सरयू बगड़ में हुआ कुली बेगार आंदोलन किसानों से ही जुड़ा था। अंग्रेज किसानों से अनाज लेते थे लेकिन उन्हें मेहनताना नहीं देते थे। वर्तमान केंद्र सरकार भी किसानों के साथ बुरा सलूक कर रही है। मोदी सरकार किसानों को थका देना चाहती है। आंदोलन को कुचला जा रहा है। किसानों की बात नहीं मानी गई तो सस्ते गल्ले की दुकानें बंद हो जाएंगी। जब मंडी नहीं होगी, राशन की सरकारी खरीद नहीं होगी तो सरकारी गल्ले की दुकान में राशन कहां से आएगा। इससे पहले यहां पहुंचने पर रावत का कांग्रेसियों ने ढोल-नगाड़ों से स्वागत किया।
चारधाम योजना भी कांग्रेस सरकार की देन
बागेश्वर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि चारधाम योजना उनकी सरकार की योजना है। उन्होंने केंद्र सरकार के सामने यह मामला रखा था। बारहमासी सड़क भी उनकी ही सरकार की सोच थी। टनकपुर-बागेश्वर, रामनगर-चौखुटिया रेल लाइन को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट में कांग्रेस की सरकार ने ही शामिल कराया था। कांग्रेस की सरकार ने पिथौरागढ़ से जहाज चलाने का काम किया। भाजपा की सरकार आई तो कंपनी बदलकर पुराने जहाज वाली कंपनी ले आए। उस जहाज का दरवाजा हवा में खुल गया, तब से हवाई सेवा बंद पड़ी है।
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हरीश रावत ने भूनी मूंगफली
बागेश्वर। अल्मोड़ा जाते समय हरीश रावत ने सरयू पुल के पास मूंगफली के एक फड़ पर मूंगफली भूनी। खास बात यह है कि यह फड़ बृहस्पतिवार को यूथ कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले भीम कुमार का था। मूंगफली भूनने के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं।
डीआईजी से की प्रोटोकॉल को लेकर शिकायत
बागेश्वर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने डीआईजी अशोक कुमार को शिकायती पत्र भेजकर कहा कि उनके भ्रमण के दौरान बैजनाथ में उन्हें स्वयं यातायात व्यवस्था सुचारु करनी पड़ी। पुलिस प्रशासन का यातायात व्यवस्था संभालने का कोई इंतजाम नहीं था। प्रोटोकॉल का बिलकुल भी पालन नहीं किया गया।
ये रहे मौजूद
राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा, जागेश्वर के विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल, धारचूला के विधायक हरीश धामी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक, पूर्व विधायक मनोज तिवारी, पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पिथौरागढ़ के पूर्व जिपं अध्यक्ष प्रकाश जोशी, प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण, भाजपा जिला महामंत्री किशन कठायत, कांग्रेस नेता राजेंद्र टंगड़िया, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष कवि जोशी, मुकेश पंत, बिट्टू कर्नाटक आदि।
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