कांडा/बागेश्वर। डिजिटलीकरण के दौर में जहां मोबाइल रोजमर्रा की जरूरत बन गया है। कांडा तहसील क्षेत्र के कई गांव अब तक संचार सुविधा से वंचित हैं। क्षेत्र के चंतोला और नरगोली गांव संचार सुविधा से महरूम हैं तो छत-सात गांवों के लोगों को इंटरनेट सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है।
जिले में बीएसएनएल समेत कई निजी कंपनियां लोगों को मोबाइल सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। इसके बावजूद कुछ ग्रामीण इलाकों में आज तक संचार सुविधा नहीं पहुंच सकी है। तहसील क्षेत्र के चंतोला और नरगोली ग्राम पंचायत के लोगों को मोबाइल का प्रयोग करने के लिए गांव से दूर पहाड़ी पर जाकर नेटवर्क खोजना पड़ता है। रावतसेरा, औलाणी, धानड़, तुषरेड़ा, ठांगा, देवलेत, धौलियापाटा आदि गांवों में मोबाइल की घंटी तो बजती है लेकिन इंटरनेट सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है।
जिपं सदस्य पूजा आर्या, जिपं सदस्य गोपा धपोला, नरगोली के पूर्व प्रधान अनिल सिंह रौतेला, मनोज राठौर, कृपाल सिंह रावत आदि ने कहा कि आज तक गांव के लोगों को संचार सुविधा का लाभ नहीं मिला है। एक ओर सरकार डिजिटल इंडिया का नारा दे रही है। दूसरी ओर क्षेत्र के लोग मोबाइल से बात तक नहीं कर पाते हैं। क्षेत्रवासियों ने जल्द संचार सुविधा का लाभ दिलाने की मांग की है।
कांडा के चंतोला में बीएसएनएल का टावर लगाया जाना है। जमीन की सर्वे कर ली गई है। सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद टावर निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। इस साल के अंत तक क्षेत्र को संचार सुविधा से जोड़ दिया जाएगा।
हेमंत जोशी, एसडीओ, बीएसएनएल, बागेश्वर