मनरेगा के कुशल और अकुशल मजदूरों को महिनों से मेहनताने का भुगतान नहीं हुआ है। मजदूरों के खातों में केंद्र से मजदूरी अवमुक्त नहीं होने से ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य ठप हो गए हैं।
मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को तीन माह से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है।
वह आए दिन बैंक और पोस्ट आफिस के चक्कर काट रहे है। भुगतान नहीं होने से विकास खंड के विभिन्न गांवों में मनरेेगा के नए कार्य ठप पड़ गए है। मेलाडुंगरी के प्रधान बलंवत भंडारी, कनिष्ठ प्रमुख प्रकाश कोहली, बिमोला के प्रधान हरी राम, जखेड़ा के ईश्वर परिहार, लमचूला के मधन सिंह बिष्ट, गढ़सेर के नवीन ममगई, डंगोली के हीरा सिंह बोरा, भगरतोला के चंदन सिंह बोरा आदि प्रधानों ने बताया कि उन्होंने मनरेगा योजना के तहत निर्माण कार्य तीन माह पहले पूर्ण कर दिए है।
मजदूरों के खातों में आज तक धन नहीं आया है। मनरेगा योजना के तहत पंचायतों को सामग्री देने वाले व्यापारियों ने बताया कि विभाग पर लाखों रुपये की उधारी है। सामग्री अंश का भुगतान नहीं होने से उनका व्यापार प्रभावित हो गया है। व्यापारियों ने अब पंचायतों का सीमेंट आदि सामग्री देना बंद कर दिया है। बीडीओ एवं मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी गोविंद सिंह बोरा ने बताया कि मजदूरों के खातों में मजदूरी का धन वास्तव में नहीं आया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिख दिया है।