गत दो फरवरी को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार अधिनियम दिवस के मौके पर विज्ञान भवन दिल्ली में आयोजित गोष्ठी में हुई गोष्ठी में ब्लाक के पंचायत प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की।
प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि पहाड़ की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए रोजगार के दिवस साल में 100 दिन के स्थान पर 150 दिन किया जाए। जिस पर मंत्रियों ने विस्तार से विचार करके ठोस कदम उठाने की बात कही।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल थकलाड़ के प्रधान बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि उन्होंने मनरेगा दिवस के मौके पर आयोजित गोष्ठी में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, केंद्रीय ग्रामीण पंचायती राजमंत्री वीरेंद्र सिंह, राज्यमंत्री सुदर्शन भगत और पेयजल स्वच्छता राज्यमंत्री राम कृपाल यादव को बताया कि पहाड़ की भौगोलिक स्थिति अत्यंत कठिन होती है।
एक गांव से दूसरे गांव की दूरी 10 से 12 किमी से कम नहीं होती हैं। ग्राम पंचायतों काफी फैली होने के कारण आंतरिक सड़कों की कमी के कारण एक दिन में गांव का ठीक से भ्रमण नहीं हो पाता है। एक दिन में होने वाले काम में कई दिन लग जाते हैं।
जल्दबाजी में काम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगते हैं। गोष्ठी में मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने गोष्ठी में भेजने के लिए ब्लाक प्रमुख रेखा खेतवाल और बीडीओ संगीता आर्या का आभार जताया।