बागेश्वर। देहरादून में वित्त आयोग की टीम ने निकायों, त्रिस्तरीय पंचायतों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सुझाव लिए। बैठक में छह मेयर और पांच पालिकाध्यक्षों ने भागीदारी की। नगरपालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने आयोग के सामने वित्त संबंधी आठ सुझाव और मांगें प्रस्तुत कीं। वह बैठक में शामिल होने वाले कुमाऊं मंडल के एकमात्र पालिकाध्यक्ष रहे।
पालिकाध्यक्ष खेतवाल ने बैठक में बताया कि बागेश्वर नगरपालिका में मैदानी पालिकाओं की अपेक्षा बुनियादी ढांचे, सामाजिक सेवाएं, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विकास परियोजनाओं की लागत अधिक पड़ती है। हल्द्वानी से नगरपालिका 200 किमी दूर है जिसके कारण निर्माण सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी होना स्वाभाविक है। शहर के बरसाती नालों से सरयू और गोमती नदियां प्रदूषित हो जाती हैं। वनाग्नि की समस्या भी आम है। पालिका को पलायन की रोकथाम के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करने के लिए अधिक राशि की जरूरत है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पालिका क्षेत्र में विकास, स्वच्छता, शहरीकरण की चुनौतियां लगातार बनी रहती हैं। मानसून काल में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए भी निकाय को वित्तीय संसाधनों की जरूरत है। धार्मिक, साहसिक और प्राकृतिक पर्यटन के विकास और सही प्रबंधन के लिए भी अधिक वित्तीय प्रबंधन की जरूरत होगी। पालिकाध्यक्ष खेतवाल ने बताया कि बैठक काफी सकारात्मक रही। आगे इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।