बागेश्वर। एसीएमओ डॉ. देवेश चौहान के छापे के बाद से बागेश्वर जिला अस्पताल स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में ताला लटक गया है। व्यवस्थाएं सुधारने की बजाय संचालक ने केंद्र ही बंद कर दिया। अव्यवस्था को लेकर सरकारी मशीनरी मौन है। लोगों को सस्ती जैनरिक दवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
इस माह की शुरूआत में शिकायतों का संज्ञान लेते हुए एसीएमओ डॉ. चौहान ने जिला अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र में छापा मारा था। जन औषधि केंद्र में 212 दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए लेकिन केंद्र में केवल 65 दवाओं की ही सूची मिली। केंद्र में दवाओं का स्टॉक उससे भी कम था। एसीएमओ ने अनियमितताओं को लेकर स्वास्थ्य महानिदेशालय को रिपोर्ट भेज दी थी।
छापे के बाद से अक्सर जन औषधि केंद्र बंद रहता है। केंद्र बंद रहने से लोगों को सस्ती दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। जिला अस्पताल परिसर में करीब डेढ़ साल पहले जन औषधि केंद्र खुला था।
जन औषधि केंद्रों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। जन औषधि केंद्र व्यवस्थित कराए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। केंद्रों की निगरानी की जाएगी।
अनुराधा पाल, डीएम, बागेश्वर।