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प्राचीन आदि बद्री भगवती माता के मंदिर को दिया जा रहा भव्य स्वरूप

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बागेश्वर के बदियाकोट में किया जा रहा आदि बद्री भगवती माता के मंदिर का जीर्णोद्धार। संवाद न्यूज ए? - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। मल्लादानपुर क्षेत्र के आस्था के प्रमुख केंद्र बदियाकोट में स्थित श्री आदि बद्री भगवती माता मंदिर को भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। मंदिर के नवनिर्माण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है।
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मंदिर कमेटी के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू और मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों की देखरेख में मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य तेज गति से चल रहा है। मंदिर के प्रति क्षेत्र के लोगों की ही नहीं बल्कि पूरे जिले के लोगों की अगाध श्रद्धा है। कहा जाता है कि मां भगवती ने निशुंभ नामक दैत्य का वध इसी स्थल पर किया था। इसीलिए इस स्थान का नाम बदियाकोट पड़ा, जबकि शुंभ दैत्य का वध सुमगढ़ में किया था। इसी कारण इस स्थान को सुमगढ़ कहा जाने लगा। दैत्यों का वध करने के कारण ही इसे पुराणों में वध कोट के नाम से वर्णित किया गया है। कपकोट के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित बदियाकोट का आदि बद्री भगवती माता मंदिर आदिकालीन है। इस मंदिर में हर साल नवरात्र में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
मंदिर के नवनिर्माण में सोराग, किलपारा, बाछम, खाती, तीख, डौला, कुवांरी, बोरबलड़ा, पेठी, सापुली आदि क्षेत्रों के लोग सहयोग कर रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि मंदिर को भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने मंदिर के नवनिर्माण में हरसंभव सहयोग देने की बात कही है। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने मंदिर कमेटी और लोगों के प्रयासों की सराहना की है। कहा है कि इससे क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी पहचान मिलेगी।
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