सोमवार शाम ब्लॉक के उच्च हिमालयी क्षेत्र के सुदूरवर्ती तीख गांव की एक महिला पेड़ से गिरकर बुरी तरह चोटिल हो गई। प्राथमिक उपचार नहीं मिलने के कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस क्षेत्र की सड़कें लंबे समय से बंद होने के कारण ग्रामीणों कोपीड़िता को डोली में बैठाकर सड़क तक लाने में पसने छूट रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने लंबे समय से बंद पड़ी सड़कों के नहीं खुलने पर रोष जताया है।
उन्होंने सड़कों के शीघ्र नहीं खुलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। सोमवार की शाम उच्च हिमालयी क्षेत्र के तीख गांव के निवासी चंदन सिंह की पत्नी कमला 22 वर्ष पशुओं के लिए पत्ते तोड़ने के लिए पेड़ में चढ़ी। बारिश से फिसलन होने के कारण उसका पांव फिसल गया जमीन में गिरने से उसके सिर में और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई। ग्रामीण उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहते थे लेकिन वहां फार्मेसिस्ट भी नहीं था। जिला पंचायत सदस्य गोविंद दानू ने बताया कि फार्मेसिस्ट लंबे समय से गांव में नहीं है
अलबत्ता एएनएम यहां अपना काम कर रही है जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदियाकोट चतुर्थ श्रेणी कर्मी के हवाले छोड़ रखा है। गांव में स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीण उसे 35 किमी दूर सामुुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट ले जाना चाहते थे लेकिन दोनों सड़कें गत एक पखवाड़े से भी अधिक समय से बंद पड़ी हैं। सड़कों के नहीं खुलने पर ग्रामीणों को उसे मंगलवार की सुबह डोली में बैठाकर कपकोट लाना पड़ा। ग्रामीणों ने सड़कों के नहीं खुलने पर शासन प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
उन्होंने सड़कों के शीघ्र नहीं खुलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। चेतावनी देने वालों में जिपं सदस्यों में दानू, भागीरथी देवी, प्रधानों में चंदन राम, केदार दानू, बीडीसी सदस्य शेर सिंह बिष्ट, महिपाल दानू, गुलाब राम, गोकुल दानू आदि शामिल हैं।