बागेश्वर में आदमखोर को ढेर करने वाले शिकारी जॉय हुकिल और सहयोगी अजहर खान।
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आखिरकार चार दिन की कसरत के बाद आदमखोर तेंदुआ शिकारी की गोली का निशाना बन ही गया। सांझ ढलने से ऐन पहले शिकारी जॉय व्हीकिल ने आदमखोर तेंदुए को एक ही गोली में ढेर कर दिया। देर शाम खोजबीन के दौरान तेंदुए का शव बरामद हुआ। तेंदुए के नाखून और दांत घिसे हैं, इन्हें देख वन विभाग ने उसके आदमखोर होने की पुष्टि की है।
द्यांगण गांव में डेरा डाले पौड़ी निवासी शिकारी जॉय व्हीकिल को बुधवार शाम आदमखोर तेंदुआ नजर आया। उन्होंने निशाना लगाकर गोली चलाई। गोली लगने के साथ ही तेंदुआ भाग खड़ा हुआ। देर शाम खोजबीन के दौरान नदीगांव क्षेत्र में आइसक्रीम फैक्ट्री के पास तेंदुए का शव मिला। मारा गया तेंदुआ मादा था। इसकी उम्र तकरीबन आठ वर्ष रही होगी। तेंदुए के अधिकतर दांत टूट चुके थे। पंजों के नाखून भी पूरी तरह घिसे हुए थे। तेंदुए को मार गिराने में शिकारी जॉय के साथ सहयोगी शिकारी अजहर खान और राजेंद्र सिंह थे। जॉय का यह 31वां शिकार है। डीएफओ आरके सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को तेंदुए का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इधर, तेंदुए के मारे जाने के बाद आतंकित क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। डीएफओ आरके सिंह का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरों के साथ ही गश्त भी जारी रहेगी।