कपकोट ब्लॉक के सुदूरवर्ती मल्ला दानपुर क्षेत्र में उरेडा की बिजली जुगाड़ के भरोसे चल रही है। दो साल पहले बर्फबारी से क्षतिग्रस्त पोलों को आज तक ठीक नहीं किया जा सका है। तोली परियोजना का जनरेटर गत पांच दिन पहले खराब हो गया था उसे भी आज तक ठीक नहीं किया गया है।
गांवों में बिजली की रोशनी नहीं पहुंचने से जहां आम जनता परेशान है। वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई है। गांवों में जंगली जानवरों के धमकने का डर अलग से सता रहा है। गुस्साए लोगों ने जिला पंचायत सदस्य गोविंद दानू के नेतृत्व में उरेडा के परियोजना अधिकारी का घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में व्यवस्था शीघ्र पटरी पर न आने पर आंदोलन शुरू करने की चेेतावनी दी है।
जिला पंचायत सदस्य दानू ने कहा कि दो साल पहले उच्च हिमालयी क्षेत्र के सोराग और धूर गांव में बर्फबारी हुई। जिससे कई बिजली के पोल टूट गए थे। उन्हें बदलने के बजाए लकड़ी के डंडों से रोका गया है। तोली परियोजना में लगा जनरेटर गत पांच दिन पहले खराब हो गया था। उसे भी आज तक ठीक नहीं किया जा सका है। बिजली नहीं होने के कारण शरण, डना, खलीधार, थलीधार में बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी है।
बोराचक-झारकोट में परियोजना स्थल तक पानी की सप्लाई के लिए लोहे पाइपों की जगह प्लास्टिक के पाइप लगाए गए जो अत्यधिक ठंड से फटते जा रहे हैं। उन्होंने परियोजना अधिकारी से व्यवस्था शीघ्र दुरुस्त करने को कहा। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। परियोजना अधिकारी रॉकी कुमार ने कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करने का पूरा प्रयास करेंगे।
घेराव करने वालों मेें बीडीसी सदस्य महिपाल दानू, हीरा सिंह, होशियार सिंह, राजीव कर्म्याल, भजन सिंह आदि शामिल थे।