कपकोट ब्लॉक के सुदूर मल्ला दानपुर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हो गई हैं। बदियाकोट के जिस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना को लेकर हायतौबा मचा है। उस अस्पताल में तैनात डॉक्टर बीते अगस्त महीने में ज्वाइनिंग के बाद से ही नदारद हैं। यही हाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खाती का भी है।
डॉक्टरों और स्टाफ नहीं होने से उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में रह रहे लोगों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और उनसे समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की गुहार लगाई है। शिष्टमंडल ने डीएम को बताया कि पिंडर पार के बदियाकोट में स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से कुंवारी, बोरबलड़ा, समडर, भराकांडे, किलपारा, बाछम, तीख और डौला आदि गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिलती हैं।
अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर बीते अगस्त महीने में अपना कार्यभार संभालने के बाद से ही नदारद हैं। फार्मेसिस्ट भी अक्सर नहीं रहते हैं। इसी तरह पिंडारी ट्रैक के अंतिम गांव खाती में भी लंबे समय से डॉक्टर नहीं है। डॉक्टर और अन्य स्टाफ नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। लाखों रुपए की लागत से निर्मित भवन देखरेख के अभाव में खस्ता होने के कगार पर पहुंचने लगा है। क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए यहां से 40 किमी दूर तहसील मुख्यालय कपकोट आना पड़ रहा है। इसमें ग्रामीणों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। शिष्टमंडल में जिपं सदस्य गोविंद दानू, बीडीसी सदस्य महिपाल दानू, प्रधान केदार दानू बदियाकोट, दुर्गा आर्या कालू, आनंद राम बाछम, हंशा दानू, नरेंद्र सिंह, गोकुल दानू और विक्की दानू आदि शामिल थे। डीएम ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।