वनों की सुरक्षा और वन्य संपदा को आग से बचाने के लिए वन पंचायतों को धनराशि मुहैया कराने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सरपंच संगठन ने डीएफओ को ज्ञापन सौंपा। सरपंचों ने उनकी मांगों को पूरा नहीं करने पर प्रदेश स्तर पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी।
सरपंच संगठन के जिलाध्यक्ष पूरन सिंह रावल के नेतृत्व में डीएफओ को सौंपे ज्ञापन में सरपंचों ने कहा कि वनों की सुरक्षा को लेकर हर साल करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन हर साल आग से वन्य संपदा को भारी नुकसान पहुंचता है।
सरपंचों ने वनों को आग से बचाने के लिए ग्रीष्मकाल शुरू होने से पहले हर वन पंचायत स्तर पर धन मुहैया कराने की मांग उठाई। कहा कि वन पंचायतों को धनराशि मिलने पर वन और वन्य संपदा की सुरक्षा हो सकेगी। सरपंचों ने अतिक्रमण से वनों को बचाने के लिए पीलर और दीवार निर्माण की मांग पर ध्यान नहीं देने पर भी नाराजगी जताई। सभी सरपंचों ने डीएफओ से वन पंचायतों की घेराबंदी और वनीकरण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने की मांग उठाई। कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो उन्हें आंदोलन छेड़ने के लिए विवश होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में सरपंच रमेश चंद्र, हरीश जोशी, गिरीश उप्रेती, भुवन कर्नाटक, बचे सिंह, आनंद बल्लभ, तारा सिंह तड़ागी आदि सरपंच शामिल थे।