बागेश्वर। जिले के बहुचर्चित मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में जिला सत्र न्यायालय ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर की अदालत ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए अपीलार्थी युवक को संदेह का लाभ देकर पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने पूर्व में निचली अदालत ने आरोपी पर लगाए गए अर्थदंड और सजा के आदेश को भी निरस्त कर दिया है।
मामले के अनुसार 24 दिसंबर 2022 को वादी शिवांग सोनी ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि न्यू सैनिक स्कूल डिग्री कॉलेज के पास स्कूटी रोककर कुछ युवकों ने धारदार हथियार और लोहे के कड़े से उनके साथी गौरव कठायत पर जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें गौरव गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस विवेचना के बाद चमोली जिले के थराली निवासी 24 वर्षीय इरनेर सिंह दानू उर्फ हिरेंद्र दानू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। मामले में एक दिसंबर 2024 को न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने इरनेर सिंह दानू को दोषी मानते हुए अलग-अलग तीन धाराओं में 10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई थी। फैसले के खिलाफ आरोपी ने जिला सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। सुनवाई और पत्रावली का गहनता से अवलोकन करने के बाद सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर ने आरोपी इरनेर सिंह दानू को सभी आरोपों से बरी करने का आदेश जारी किया।