कौसानी की रामलीला में प्रस्तुत भावपूर्ण दृश्य।
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कौसानी/बागेश्वर। श्री रामलीला कमेटी की ओर से छानी ल्वेशाल गांव में दूसरे दिन भी रामलीला मंचन किया गया। पहले दिन वशिष्ठ मुनि ने राजा दशरथ से राम, लक्ष्मण को उनके आश्रम में भेजने का अनुरोध किया।
इसमें मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने गौतम ऋषि के श्राप से नारी से शिला बनी अहिल्या का उद्धार किया। पत्थर पर जैसे ही भगवान श्री राम ने पैर रखा तो श्रापित अहिल्या फिर से नारी रूप में प्रकट हुई।
रामलीला में दूसरे दिन विश्वामित्र का राम लक्ष्मण को लेकर जाना, ताड़का सुबाहु वध, अहिल्या उद्धार, जनक से भेंट, पुष्प वाटिका में राम लक्ष्मण का जानकी को देखना, गौरी पूजन आदि प्रसंग मंचित किए गए। गौतम ऋषि के श्राप से नारी से शिला बनी अहिल्या का प्रभु श्री राम ने उद्धार किया। पत्थर पर जैसे ही भगवान श्री राम ने पैर रखा तो श्रापित अहिल्या फिर से नारी रूप में प्रकट हुई। इसमें राम दल के कलाकार बालिकाएं और रावण दल के कलाकार बालक बने हैं। रामलीला देखने आसपास के इलाकों से काफी संख्या में लोग आ रहे हैं।