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राशन की दुकान में लगी लंबी लाइन, तमाम लोग बगैर राशन लिए लौटे

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बागेश्वर के मंडलसेरा में राशन की दुकान पर लगी लोगों की लाइन। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। शुक्रवार को मंडलसेरा की राशन की दुकान में राशन लेने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस लगानी पड़ी लेकिन लाइन इतनी लंबी भी तमाम लोगों को राशन लिए बगैर वापस लौटना पड़ा।
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जिला मुख्यालय के मंडलसेरा में स्थित सस्ता गल्ला की दुकान में सुबह 7 बजे से ही लोग पहुंचने लगे थे। लोगों की भीड़ को देखते पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। लोगों को राशन लेने के लिए लाइन में लगना पड़ा। देखते ही देखते करीब डेढ़ सौ लोग लाइन में लग गए। धीरे-धीरे यह भीड़ बढ़ती चली गई। दुकानदार एक-एक कर ग्राहकों को राशन देता रहा। सुबह करीब साढ़े 10 बजे तक राशन की दुकान में करीब दो सौ लोग राशन की इंतजारी में खड़े थे। इनमें अधिकांश महिलाएं थीं। पुलिस को व्यवस्था बनाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
राशन लेने पहुंचे लोगों ने राशन लेने की आपाधापी में सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा। लोगों की भीड़ अधिक होने के कारण करीब सौ लोगों को बगैर राशन लिए वापस लौटना पड़ा। मंडलसेरा की इस राशन दुकान में एक हजार से अधिक कार्ड धारक हैं। करीब साढ़े तीन सौ लोग शुक्रवार को राशन लेने पहुंचे थे। लॉकडाउन के चलते दोपहर एक बजे राशन की दुकान बंद हो गई। बगैर राशन लिए लौटे लोगों को दुकानदार ने शनिवार को राशन देने की बात कही।
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नगर में सब्जियों के दाम नियंत्रित, गांवों में महंगाई
रानीखेत (अल्मोड़ा)। कोराना संक्रमण से बचाव के लिए घोषित देशव्यापी लॉकडाउन के बाद नगर में सब्जियों के दाम तो तय हो गए हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मनमाने दाम वसूलने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। रानीखेत नगर में प्रशासन की तरफ से सब्जियों की दुकानों में रेटलिस्ट चस्पा कर दी गई है। गांवों और कस्बों में रह रहे लोगों ने भी दुकानों में रेटलिस्ट चस्पा करने की मांग की है।
लॉकडाउन की घोषणा के बाद ही नगर में सब्जियां महंगी हो गईं थीं। सब्जियों में 10 से लेकर 30 रुपये तक की बढ़ोतरी कर मनमाने दाम वसूले जा रहे थे। लगातार शिकायतों के बाद हरकत में आए प्रशासन ने सब्जियों का रेट तय किया। शुक्रवार को दुकानों में यह रेटलिस्ट लगी, जिससे लोगों को राहत मिली, लेकिन गांवों से सब्जियां महंगी मिलने की शिकायतें आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 20 रुपये किलो आलू 40 रुपये किलो तक बिक रहा है। दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। इसलिए ग्रामीणों ने प्रशासन से गांवों की दुकानों में भी रेटलिस्ट चस्पा करने की मांग की है।
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