बागेश्वर। नगरपालिका सभागार में दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वरोजगार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न योजनाओं के तहत 45 प्रतिभागियों को स्वरोजगार के लिए 91 लाख रुपये का ऋण मंजूर किया गया।
सीडीओ डीडी पंत की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों की समिति ने ऋण आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की। शिविर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 15 आवेदन प्राप्त हुए हैं। समिति ने सभी को मंजूरी देते हुए 58 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत प्राप्त 15 आवेदनों को 22.50 लाख, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन स्वरोजगार योजना के तहत प्राप्त नौ आवेदनों को 9.50 लाख और पीएम स्वनिधि योजना के तहत प्राप्त छह आवेदनों को मंजूरी प्रदान करते हुए एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। सीडीओ ने कहा कि लाभार्थियों से जिस मद में आवेदन किया है, प्राप्त ऋण का उपयोग उसी मद में करें। नगरपालिका के ईओ राजदेव जायसी ने बताया कि योजना के तहत तीन लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले शहरी गरीबों को व्यक्तिगत उद्यम के लिए दो लाख और समूह में उद्यम स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण सात प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है। शिविर में महाप्रबंधक जिला उद्योग जीपी दुर्गापाल, सीवीओ डॉ. उदय शंकर, लीड बैंक अधिकारी एनआर जौहरी, सभी बैंकर्स आदि थे।
ऋण जमा अनुपात की धीमी प्रगति पर डीएम ने जताई नाराजगी
बागेश्वर। डीएम विनीत कुमार ने विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय पुनरीक्षण सह जिला सलाहकार एवं समन्वय समिति की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने ऋण जमा अनुपात की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए। स्वरोजगार के ऋण आवेदन पत्रों का शीर्ष प्राथमिकता के साथ हल करने को कहा। आगामी बैठक में रोजगार के उपलब्ध कराए गए आवेदनों की पूर्ण जानकारी नहीं होने पर संबंधित बैंकर्स और सक्षम अधिकारियों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी।
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने बैंकर्स को रोजगार परक आवेदनों पर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने को कहा। स्वरोजगार के लिए मिले लक्ष्य के तहत 15 दिसंबर तक प्राप्त आवेदन पत्रों को स्वीकृत कराकर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि सभी ब्लॉकों में ऋण उपलब्ध कराने के लिए शिविर की तिथि निर्धारित की गई है। इन शिविरों में सभी अधिकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे। उन्होंने सीडीओ को ऋण उपलब्ध कराने में ढिलाई बरतने वाले और बिना ठोस कारण के आवेदन पत्र निरस्त करने वाले बैंकों की सूची तैयार करने को कहा। वहां पर डीडीओ केएन तिवारी, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, सीवीओ डॉ. उदय शंकर, महाप्रबंधक उद्योग जीपी दुर्गापाल, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी केएस कर्म्याल आदि थे।
पहली तिमाही में 24.63 प्रतिशत रहा अनुपात
बागेश्वर। बैठक में लीड बैंक अधिकारी एनआर जौहरी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में ऋण जमा अनुपात 24.63 प्रतिशत रहा। जो पिछली समयावधि में 25.01 प्रतिशत था। वार्षिक योजना के तहत जून तिमाही में बैंकों ने 328.52 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष 64.62 करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया। जो वार्षिक ऋण योजना का 19.67 प्रतिशत रहा। सितंबर तिमाही में फसली ऋण योजना 82.57 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष 23.85 करोड़ (28.89 प्रतिशत) और कृषि मियादी ऋण योजना 51.65 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष 5.77 करोड़ (11.18 प्रतिशत) रही।