गरुड़ में भूस्खलन की जद में आया पय्यां गांव।
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पय्यां गांव के तीन परिवार खतरे के साए में जी रहे हैं। सितंबर माह में भारी भूस्खलन के कारण गांव के पीछे की पहाड़ी दरक गई थी। प्रभावित परिवार विस्थापन की मांग कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन ने अब तक प्रभावितों की सुध नहीं ली है।
गरुड़ विकास खंड के पय्यां गांव में सितंबर 2018 में आए भारी भूस्खलन के चलते वर्तमान में भी तीन परिवारों पर खतरा मंडरा रहा है। गांव के भगवत सिंह परिहार, शीतल सिंह, गोविंद सिंह परिहार के परिवार ने गांव के संबंधियों के घर शरण ली है। प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि खतरे को देखते हुए पुश्तैनी मकान छोड़ने पड़े हैं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन ने अभी तक प्रभावितों की सुध नहीं ली है। खतरे में आए मकानों छोड़ने की हिदायत और नसीहत भेजने के अलावा कोई भी अधिकारी गांव में झांकने तक नहीं आया। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र सिंह ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के जल्द विस्थापन की मांग की है। गरुड़ के एसडीएम सुंदर सिंह ने बताया कि पय्यां गांव में भूस्खलन से तीन मकानों को खतरा देखते हुए प्रभावितों को शिफ्ट कर दिया था। विस्थापन की मांग पर विचार किया जा रहा है।