जिले में 45 हजार लोगों की आजीविका मनरेगा से चलती है। जिले में मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों का भुगतान करने के लिए 2.54 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की ओर से रिलीज हो चुके हैं। इसमें से 1 करोड़ 54 लाख 44 हजार रुपया मजदूरों के खातों में जाएगा जबकि शेष राशि से निर्माण कार्यों के लिए खरीदी गई सामग्री का भुगतान किया जाएगा।
बागेश्वर जनपद के तीनों विकासखंडों में 46 हजार जॉब कार्ड धारक हैं। इनमें से 45 हजार जॉब कार्ड धारक नियमित मनरेगा में मजदूरी से जुड़े हैं। जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी ने बताया कि मनरेगा के कार्यों का नियमित भुगतान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अब तक हुए विभिन्न कार्यों के तहत 25 अप्रैल तक 2.54 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की ओर से आ चुके हैं। इनमें से 1 करोड़ 54 लाख 44 हजार रुपये मजदूरों के खातों में जबकि 96 लाख 66 हजार रुपये सामग्री का भुगतान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मनरेगा की धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी जाती है। खाता नंबर या आधार नंबर गलत होने पर खातों में धनराशि हस्तांतरित नहीं हो पाती है। उन्होंने बताया कि तीनों विकासखंडों में मनरेगा से हुए कार्यों का मई माह में पूरा भुगतान हो जाएगा।
मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बढ़ाई जाए
भारतीय मजदूर संघ के जिला प्रभारी गणेश बोरा का कहना है कि मनरेगा मजदूरों को मात्र 175 रुपये मजदूरी दी जाती है। यह धनराशि बेहद कम है। मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों का परिवार इतनी कम धनराशि से चलाना मुश्किल होता है। उनका कहना है कि सरकार को मनरेगा के तहत दी जाने वाली धनराशि में बढ़ोत्तरी करनी चाहिए।