उपभोक्ता फोरम ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जिसमें टाटा मोटर्स लिमिटेड को आदेश दिया है कि वह याची को खराब वाहन देने से हुई क्षति की पूर्ति के लिए 1.70 लाख रुपए दे। यदि एक महीने के भीतर क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया गया तो उसे आठ प्रतिशत ब्याज की दर से क्षतिपूर्ति देनी होगी।
त्यूनरा निवासी सुरेश खेतवाल की पत्नी भागीरथी देवी ने उपभोक्ता फोरम में याचिका की थी। उसका कहना था कि उसने टाटा मोटर्स लिमिटेड से 2007 में पिकप वाहन खरीदा। आरोप है कि यह वाहन खराब मिला। दावे के मुताबिक पहाड़ में यह गाड़ी न माइलेज दे रही थी और न ही भार उठा पा रही थी। इसके पार्ट्स भी नहीं मिल रहे थे। इनसे उसकी आर्थिक, मानसिक क्षति हुई, जिसकी भरपाई के लिए फोरम में अर्जी लगाई थी।
फोरम के अध्यक्ष जिला जज डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा, समेत सदस्य नीमा फर्त्याल, संजय लोहनी ने पत्रावली का अध्ययन कर दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद टाटा मोटर्स को आदेश दिया कि वह याची को खराब वाहन से हुई आर्थिक क्षति, मानसिक क्षति, वाद व्यय के रूप में एक माह के भीतर 1.70 लाख रुपए अदा करे।
एक माह के भीतर अदा न करने पर उसे आठ प्रतिशत ब्याज की दर से क्षतिपूर्ति राशि अदा करनी पड़ेगी। याची भागीरथी देवी की ओर से मामले की पैरवी अधिवक्ता कुंडल धपोला, हरीश जोशी ने की।