बागेश्वर। फुफेरे भाई की हत्या के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसे एक लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। आरोपी गरुड़ में रहकर टाइल्स लगाने का काम करता था।
मामला पिछले वर्ष फरवरी का है। बैजनाथ थाने में नबी अहमद निवासी जाम, थाना बहेड़ी, जिला बरेली ने तहरीर देकर बताया कि उनका बेटा राशिद लंबे समय से अपने ममेरे भाई दानिश निवासी नगरिया कला, इज्जतनगर बरेली के साथ गरुड़ में रहता था। 18 फरवरी 2021 से वह गायब है और उसका फोन भी नहीं लग रहा है। दानिश भी राशिद के बारे में सही जानकारी नहीं दे रहा है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और दानिश को गिरफ्तार कर उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस को दिए बयान में दानिश ने बताया कि 18 फरवरी को वह राशिद को अणा के जंगल में ले गया और रोड सेफ्टी डेलीनेटर से उसके सिर पर वार करके हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी ने शव को सड़क के नीचे ले जाकर पत्थरों से ढंक दिया। 20 फरवरी को दोबारा आरोपी वहां गया और मृतक की पहचान छिपाने के लिए शव पर एक बोतल पेट्रोल डालकर उसे जला दिया। एक मार्च को आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से सड़ी गली हालत में शव बरामद किया। परिजनों ने शव की शिनाख्त की।
थानाध्यक्ष पंकज जोशी ने मामले की विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष राज्य की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता जीबी जोशी और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने मामले की पैरवी करते हुए 11 गवाह न्यायालय में पेश करवाए। अपर सत्र न्यायाधीश ने गवाहों के बयान, विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 302 और 201 आईपीसी के तहत दोष सिद्ध किया और सजा सुनाई।