बागेश्वर। प्रदेश में 10 या उससे कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के विलीनीकरण की कवायद तेज हो गई है। ऐसे स्कूलों का तीन से पांच किमी के दायरे में स्थित दूसरे विद्यालय में विलय किया जाएगा। विलीनीकरण की सूची में पूरे प्रदेश में 3175 प्राथमिक और 443 जूनियर हाईस्कूल शामिल हैं।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक की ओर से 31 जनवरी को सभी जिलों के जिला शिक्षाधिकारी बेसिक, प्रारंभिक शिक्षा के नाम एक पत्र जारी किया गया है। इसमें 10 या उससे कम छात्र संख्या वाले स्कूलाें की संख्या दी गई है। यह संख्या वर्ष 2021 में जिलेवार शासन को भेजी गई थी। पत्र में इन स्कूलों के विलीनीकरण के लिए तीन, चार, या पांच किमी मोटर मार्ग या पैदल मार्ग वाले समीपवर्ती विद्यालयों का चयन कर समूह बनाते हुए केेंद्रीयकृत विद्यालय को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशानुसार शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्कूल के चिह्नीकरण की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन के निर्देश के अनुसार 10 या उससे कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के नजदीकी स्कूल में उनके विलीनीकरण की प्रक्रिया शुरूहोगी।
शिक्षकों की कमी होगी दूर
बागेश्वर। 10 से कम छात्रसंख्या वाले विद्यालयों के विलीनीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षा के स्तर में सुधार हो सकता है। कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के मर्ज होने पर केंद्रीयकृत विद्यालय की छात्र संख्या बढ़ेगी, साथ ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालयों को इसका लाभ मिलेगा। विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को कुछ हद तक दूर करने में मदद मिलेगी। शिक्षक पूरे होंगे तो प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। खासतौर पर एकल शिक्षक और शिक्षक विहीन विद्यालयों की परेशानी कम हो सकेगी।
जिलेवार 10 या कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों की संख्या
जिले का नाम- प्राथमिक विद्यालय जूनियर हाईस्कूल
पौड़ी 645 74
चमोली 239 47
रुद्रप्रयाग 122 17
टिहरी 375 60
उत्तरकाशी 156 46
देहरादून 189 27
नैनीताल 194 27
अल्मोड़ा 459 35
बागेश्वर 193 23
चंपावत 135 11
पिथौरागढ़ 433 73
ऊधमसिंह नगर 35 03
हरिद्वार 0 0
योग 3175 443
10 या कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के विलीनीकरण की प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है। अभी विद्यालयों को बंद करने जैसी कोई बात नहीं है। शासन से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के दो से पांच किमी के दायरे में स्थिति विद्यालयों की सूची मांगी गई है। ऐसे विद्यालयों को चिह्नित कर शासन को सूची उपलब्ध कराई जा रही है।
पदमेंद्र सकलानी, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक बागेश्वर।