लंबे समय से आतंक का पर्याय बने तेंदुए अब दिनदहाड़े गांव में घूमते नजर आ रहे हैं। तेंदुए शाम होते ही शहर में धमककर आवारा कुत्तों और मवेशियों को निवाला बना रहे हैं। खोली गांव में तो दिन में ही घरों के करीब तेंदुआ घंटों तक टहलता रहा। आबादी में तेंदुए के लगातार नजर आने से लोग भयभीत हैं।
कठायतबाड़ा, मंडलसेरा, मजियाखेत, नदीगांव, कफलखेत आदि स्थानों पर तेंदुए रोज शाम को दिखाई दे रहे हैं। यही हाल शहर के अन्य गांवों में भी है। इन गांवों में अब तेंदुआ दिनदहाड़े नजर आने लगा है। बृहस्पतिवार को खोली गांव के पास एक तेंदुआ घंटों तक घूमता रहा। तेंदुए के रिहायशी इलाकों में इस तरह घूमता नजर आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। महिलाएं पशुओं के लिए चारा लाने या फिर खेतों में जाने से कतरा रही हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीण चिंतित हैं। इधर, नगर के नदीगांव वार्ड में भी तेंदुआ नजर आने से लोग डरे हुए हैं।
जगदीश रावल, महेंद्र जोशी, विनोद बोरा, संजय जोशी, दयाल पांडे, भारत जोशी, योगेश जोशी आदि ने बताया कि शाम होते ही तेंदुआ आंगन में पहुंच जा रहा है। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी से शीघ्र पिंजरा लगाने की मांग की है।