बिनखोली में तेंदुआ पिजरे हुआ कैद
- फोटो : अमर उजाला
गढ़खेत रेंज के बिनखोली गांव में कलवर्ट के अंदर छिपे तेंदुए को वन विभाग की टीम ने पिंजड़े में कैद कर लिया है। विभाग की टीम को गुलदार को कैद करने के लिए सात घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। तेंदुए को चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे उसे अल्मोड़ा अभयारण्य में भेज दिया है।
बता दें कि गढ़खेत रेंज के बिनखोली गांव के ग्रामीणों को शुक्रवार को खेतों में एक तेंदुआ दिखा। ग्रामीणों द्वारा शोरगुल करने पर तेंदुआ बैजनाथ बिनखोली सड़क पर बने एक कलवर्ट के अंदर छुप गया था। ग्रामीणों ने कलवर्ट में छिपे तेंदुए को घेर लिया। डीएफओ बीएस शाही के निर्देशन में गुलदार को पिंजड़े में कैद करने के लिए विभाग की टीम ने रात सात बजे से प्रयास शुरू कर दिए। शुक्रवार की रात करीब दो बजे वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पिंजरे में डालने में सफल हुई। रेंजर हरीश खर्कवाल ने बताया कि बताया कि पकड़ा गया मादा तेंदुआ दो साल का है। पशु चिकित्सक डॉ.पीके पाठक ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके बाद तेंदुए को अल्मोड़ा अभयारण्य भेज दिया है। बिनखोली के पूर्व प्रधान दिंगबर नाथ गोस्वामी, संजय फर्स्वाण, कंचन थायत, देवेंद्र गोस्वामी, बलवंत थायत ने वन विभाग से क्षेत्र के तेंदुओं को पिंजरे में कैद करने की मांग की है। ब्यूरो